Tuesday, 8 January 2019

सर्वज्ञपीठ 
बेटा : अम्मा, यह सर्वज्ञपीठ क्या होता है ?
अम्मा :अरे वाह! कहाँ से मिला अब यह जानकारी?
बेटा :आज हमारी हिंदी अध्यापिका ने शंकराचार्य के बारे में बताया၊ उन्होंने यह भी बोला कि शंकराचार्य जी सर्वज्ञ पीठ पहुँचे, वह कहाँ है ?
अम्मा : जी बेटा , श्री शंकराचार्य जी केरल की एर्नाकुलम जिले में कालडी नामक प्रदेश में जन्म लिया , उन्होंने अपनी छोटी- सी उम्र में ही बहुत कुछ 
सीखा,संस्कृत, वेदांत आदिऔर पूरे भारत में यात्रा भी की၊ उनके द्वारा रचित अनेक पुस्तकें भी 
है ၊
बेटा :वह सब तो हमारी अध्यापिका जी ने भी बताया၊ आप मुझे यह बता दें कि सर्वज्ञ पीठ कहाँ होते है?
अम्मा: अच्छा, तो सुनो, पिछले साल गर्मी की छुट्टियों में हम कहाँ गए थे ?
बेटा :हम ने तो कोल्लूर मूकाम्बिका गया था, ना?
अम्मा: हाँ बेटा , वहाँं से लगभग दो सौ किलोमीटर चढ़ने से हम सर्वज्ञ पीठ पहुँचते हैे यानि, कोडचाद्री घाटी ၊ यह है कर्नाटका राज्य में ,वहाँं एक छोटा- सा मंदिर है और शंकराचार्य जी ने जहाँ तप किया वह गुफा भी है।
बेटा : हाँ - हाँ ,याद है मुझे ၊पिताजी और मैं वहाँ गए थे । उस चोटी के ऊपर से जो दृश्य होता है ,कितनी सुंदर है !अभी भी कितनी याद आता है मुझे !अगर मैं एक अच्छे चित्रकार होता, वह पूरा की पूरा सुनहरी दृश्य एक क्यानवास पर आलेखन कर सकता! अम्मा : वाह !बहुत अच्छा !ऐसे लगते थे कि हम यह पूरे विश्व के ऊपर खड़े हैं ,ना? सबसे ऊपर ,जैसा कि आसमान को हम छू सकते हैं। अच्छा ,अब जाओ और कल के लिए जो गृहकार्य करना है ,कर लो ၊

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